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Nails fungus: धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ से देखें अपने नाखूनों का रंग, ये पीले नहीं सड़ने लगे हैं; ये हो सकती है 4 वजह
नाखून के संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Fungal nail infection) को टिनिया यूनगियम à¤à¥€ कहा जाता है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो पैर के नाखूनों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। अगर नाखूनों का रंग पीला पड़ने लगे तो यह नेल फंगस का संकेत हो सकता है।
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कà¥à¤¯à¤¾ आपके पैर के उंगलियों के नाखून पीले पड़ रहे हैं। आमतौर पर हम इसे मामूली समà¤à¤¨à¥‡ की à¤à¥‚ल कर बैठते हैं। हमें लगता है कि शायद गंदगी या शरीर में किसी चीज के कमी के कारण नाखूनों का रंग बदल रहा है, लेकिन वासà¥à¤¤à¤µ में यह नेल फंगस का संकेत है। नाखूनों में फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जो आपके नाखून की नोक के नीचे à¤à¤• सफेद या फिर पीले धबà¥à¤¬à¥‡ के रूप में शà¥à¤°à¥‚ होती है। जैसे-जैसे संकà¥à¤°à¤®à¤£ गहरा होता जाता है, आपके नाखूनों का रंग फीका पड़ने लगता है, नाखून मोटे होने लगते हैं या फिर कà¤à¥€-कà¤à¥€ किनारे पर से उखड़ à¤à¥€ सकते हैं।
यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कई नाखूनों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। कà¥à¤› लोगों को इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है, जबकि कà¥à¤› लोगों के लिठयह समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° बन जाती है। इसमें नाखूनों में दरà¥à¤¦ होने के साथ खून à¤à¥€ बहने लगता है। यदि आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° नहीं है, तो आपको उपचार की जरूरत नहीं पड़ती , लेकिन दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में देखà¤à¤¾à¤² और दवा दोनों की जरूरत पड़ सकती है। तो आइठजानते हैं नेल फंगस के कारण और लकà¥à¤·à¤£à¥¤
​नेल फंगस के कारण
उमà¥à¤°-
कई बार बढ़ती उमà¥à¤° के साथ नेल फंगस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। उमà¥à¤° के साथ नाखून टूटने के साथ सूखे से हो जाते हैं। नाखूनों में आईं दरारें फंगस को पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने और संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने का कारण बन सकती हैं।
बà¥à¤²à¤¡ सकà¥à¤°à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में कमी-
पैरों में बà¥à¤²à¤¡ सकà¥à¤°à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कम होना à¤à¥€ फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है।
गंदे पैर होना-
कई बार पैरों और नाखूनों में गंदगी जमा होने से à¤à¥€ फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो जाता है।
हाथ-पैर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आना-
जिन लोगों के हाथ और पैरों पर जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पसीना आता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नेल फंगस होने का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
​नेल फंगस से बचने के उपाय
नियमित रूप से
हाथ व पैरों को ठीक से धोà¤à¤‚।
नाखूनों को छोटा और साफ रखें। हर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद अपने नेल कà¥à¤²à¤¿à¤ªà¤° को हमेशा डिसइंफेकà¥à¤Ÿ करें।
हमेशा साफ और पसीने को सोखने वाले मोजे पहनें। अचà¥à¤›à¥€ कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ वाले जूते पहनें।
नाखूनों को सीधा टà¥à¤°à¤¿à¤® करें और किनारों को à¤à¤• फाइलर से चिकना करें ।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जूते पहनते समय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फà¥à¤°à¥€ करें।
नेल पॉलिश और आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² नाखूनों का यूज करने से बचें।
यदि आप à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं, जो मैनीकà¥à¤¯à¥‹à¤° और पेडीकà¥à¤¯à¥‹à¤° करवाते हैं, तो à¤à¤¸à¥‡ सैलून पर जाà¤à¤‚, जो हर उपयोग के बाद अपने उपकरणों को बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फà¥à¤°à¥€ करता है, ताकि संकà¥à¤°à¤®à¤£ की कोई गà¥à¤‚जाइश न हो।
​नेल फंगस से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚
नेल फंगस के कारण आपके नाखूनों को बहà¥à¤¤ नà¥à¤•सान होता है। इसकी वजह से पैरों में अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकते हैं। खासतौर से अगर आपको डायबिटीज है तो पैरों में बà¥à¤²à¤¡ सकà¥à¤°à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ और नरà¥à¤µ सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ कम हो जाती है। इससे सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का खतरा à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
कà¥à¤› लोगों के लिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। नाखून के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को तब तक पूरी तरह से ठीक नहीं माना जाता जब तक कि संकà¥à¤°à¤®à¤£ से मà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤• नया नाखून बड़ा न हो जाà¤à¥¤ बेशक, इससे खतरा न हो, लेकिन नेल फंगस का वापस आना संà¤à¤µ है।
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